Our Story

(C) Pixabay
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“आज क्या लिख रही हो?”
“कुछ नहीं।”
“कुछ नहीं कैसे? कुछ लिख तो रही हो। मुझे आवाज़ आ रही है, क़लम की नोख़ का पन्ने पे घिसने का…”
“हम्म..”
“अरे पढ़ के बताओ तो।”
“नहीं…”
“पर क्यों?”
“हमारी कहानी का अंत लिख रही हूँ, बाद में सुन लेना।”
“अंत अभी हुआ नही, तुम लिख कैसे रही हो?”
“अंत लिखूँगी, तभी ना होगा,” उसने कहा, अपनी आख़री ख़त लिखते हुए। ख़त में उसने लिखा की वो अपनी मर्ज़ी से अपनी जान ले रही है और उसके मरने पर उसकी आँखें भाई को ही दी जाएँ।
‪#‎FlashFiction‬
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Samarpita Mukherjee Sharma

Samarpita eats, sleeps and breathes content and her life revolves around words. She curates contents for many brands, of which The India Diaries happens to be the closest to the heart. An economist by education and a wordsmith by passion, she chose the life of a digital nomad after quitting full time journalism few years ago. A multi-tasker, this ex-journalist freelances as a content creator-cum-curator, manuscript editor, travel writer and social media manager.